अधिक पैदावार वाली सौंफ की किस्म sonf saunf variety rajasthan gujrat UP

सौंफ की किस्म

किसी भी फसल की खेती में उसकी किस्मो का चयन बहुत महत्वपूर्ण होता है I सौंफ की किस्म का चयन आप नीचें दी गई विशेषताओं के अनुसार चयन कर सकते है I

अजमेर सौंफ-1 व अजमेर सौंफ-2

सौंफ की ये किस्म 180-190 दिनों में पककर तैयार हो जाती है I ये किस्में, अगेती व सर्दी के मौसम की बुआई के लिए उपयुक्त हैं। इनके बीज आकर्षक व बड़े होते हैं।

अगेती फसल व सर्दी की फसल से औसत पैदावार क्रमशः 25.0 व 19.5 क्विंटल प्रति हैक्टर प्राप्त होती है। ये किस्में रामूलेरिया व अगेती झुलसा रोगों के लिए प्रतिरोधी हैं। इस किस्म के दानों में वाष्पशील तेल की औसत मात्रा 1.6-1.9 प्रतिशत पाई जाती है।  

राजस्थान सौंफ-125

ये किस्म जल्दी पकने वाली (120-130 दिनों) किस्म है I इसके पौधे छोटे होते है, ठोस पुष्पक्रम, तथा लंबे बड़े दाने होते है I इस किस्म की औसत पैदावार 17.3 क्विंटल/ हैक्टर तक है। इस किस्म की पैदावार क्षमता 29.45 क्विंटल/हैक्टर तक है ।

इसे भी पढ़े – जीरा की उन्नत खेती

राजस्थान सौंफ-101

इस वैरायटी के पुष्पक्रम बड़े होते है I इसके दाने लंबे व बड़े होते है I ये देर से पकने वाली किस्म (150-160 | दिनों) किस्म है I इसकी औसत पैदावार 15.5 क्विंटल/ हैक्टर है।

गुजरात सौंफ-1

ये सौंफ की किस्म सूखा सहनशील व अगेती बुआई लिए उपयुक्त है I किस्म  पत्ती धब्बा व अन्य रोगों के लिए मध्यम रूप से सहनशील है। इसके बीज अण्डाकार, बड़े व गहरे भूरे रंग के होते है I यह देर से पकाव वाली किस्म है जो की लगभग 225 दिन में तैयार हो जाती है I इसकी औसत पैदावार लगभग 17.0 क्विंटल/हैक्टर है ।

राजस्थान सौंफ-143

यह सौंफ की किस्म दोमट व काली मृदा के लिए उपयुक्त है I इसकी औसत पैदावार 15 क्विंटल/ हैक्टर है ।

इसके अलावा सौंफ की किस्मे जैसे आर.एफ.-178, आर. एफ.-281,आर.एफ.-205,आरएफ-145 व गुजरात सौंफ-1 आदि भी अच्छी किस्मे है।

Read also – teak tree farming

शेयर करे

Leave a comment

error: Content is protected !!