राजस्थान तारबंदी सब्सिडी योजना 2020-21 आवेदन व फॉर्म Barbed wire fencing

कान्टेदार /चैनलिंक राजस्थान तारबंदी सब्सिडी योजना

राज्य में आवारा पशुओं एवं नीलगाय से तिलहनी फसलों में होने वाले नुकसान को कम करने के लिये तारबन्दी महत्पूर्ण एवं उपयोगी कार्य है। राजस्थान कृषि विभाग द्वारा किसानो को कांटेदार (barbed wire fencing) पर अनुदान दिया जाता है ताकि किसान पर ज्यादा बोझ न पड़े !

खेत में तारबंदी पर अनुदान

राजस्थान तारबंदी सब्सिडी योजना के लिए अनुदान की पात्रता

1. राजस्थान तारबंदी सब्सिडी योजना का लाभ सभी श्रेणी के कृषकों को दिया जायेगा।

2. वर्ष 2020-21 हेतु योजना कम्यूनिटी बेसिस पर की जावेगी जिसमें कम से कम 5 हैक्टेयर क्षेत्रफल शामिल हो एवं कम से कम 3 कृषक लाभान्वित हो।

3. प्रति कृषक 400 रनिंग मीटर की सीमा तक अनुदान देय होगा एवं खेत की पेरिफेरी की लम्बाई 400 मीटर से अधिक होने पर शेष दूरी में कृषक द्वारा स्वंय के स्तर पर तारबंदी की जायेगी तथा आवश्यक क्षेत्र में सर्पूण रूप से तारबंदी किया जाना सुनिश्चित करने के उपरान्त ही अनुदान राशि कृषक को उपलब्ध करवाई जायेगी।

4. अधिक से अधिक कृषकों को लाभान्वित करने के मध्यनजर खेतों की वस्तुस्थिति के आधार पर सही प्रकार से (Shortest Possible Pereferi) पेरीफेरी का निर्धारण सम्बन्धित सहायक निदेशक कृषि (विस्तार)/उप निदेशक कृषि (विस्तार) जिला परिषद अथवा उनके द्वारा मनोनीत अधिकारी द्वारा किया जावेगा।

5. कृषक द्वारा तारबन्दी करते समय खेत की वस्तुस्थिति के आधार पर सही प्रकार से ले-आउट बनाकर अत्यावश्यक साइड में प्राथमिकता के आधार पर तारबन्दी करवायी जावे। किसी कृषक द्वारा खेत की उस साइड में जिस साइड में पूर्व में किसी दूसरे कृषक द्वारा विभागीय अनुदान प्राप्त कर अथवा स्वयं के द्वारा तारबन्दी की गई है पर दोबारा तारबन्दी नहीं करायी जावे। पेरीफेरी के कृषकों द्वारा यह सुनिश्चित किया जायेगा की तारबन्दी का सही प्रकार से उपयोग हो रहा है।

6. पेरीफरी के निर्धारण उपरान्त प्रशासनिक स्वीकृति जारी की जायेगी तथा निर्धारित पेरीफेरी में इसके उपरान्त कोई बदलाव नहीं किया जायेगा।

7. एक कृषक को पेरीफेरी पर खेत की लम्बाई के अनुसार तारबन्दी के लिए 400 रनिंग मीटर की सीमा तक अनुदान दिया जायेगा।

8. तारबन्दी कार्य तिलहनी फसलों की आवारा पशुओं से सुरक्षा की योजना होने के कारण किसी भी ट्रस्ट/सोसाइटी/स्कूल/कॉलेज/मंदिर/धार्मिक संस्थान आदि को उक्त योजनान्तर्गत लाभान्वित नहीं किया जावें।

9. मिशन अन्तर्गत निर्मित तारबन्दी में किसी प्रकार का विद्युत करन्ट प्रवाहित नहीं किया जायेगा, ताकि जनधन/पशुधन को होने वाली हानि से बचाया जा सके।

राजस्थान तारबंदी सब्सिडी योजना के लिए आवशक बातें व् दस्तावेज़

  • कृषक को अनुदान हेतु आधार कार्ड संख्या देना अनिवार्य होगा।
  • कृषक के स्वयं के नाम से भू-स्वामित्व नहीं होने की स्थिति में (कृषक के पिता के जीवित होने या मृत्यु पश्चात् नामान्तरण के अभाव में) यदि आवेदक कृषक स्वयं के पक्ष में भू-स्वामित्व में नोशनल शेयर धारक का प्रमाण पत्र राजस्व/हल्का पटवारी से प्राप्त कर आवेदन के साथ प्रस्तुत करता है तो ऐसे कृषक को भी अनुदान हेतु पात्र माना जायेगा अथवा इस आशय का सरपंच से प्रमाण पत्र प्राप्त कर प्रस्तुत करे कि वे परिवार से अलग रहते है, एवं राशन कार्ड व नरेगा जोब कार्ड अलग बना हुआ है।
  • तारबन्दी कार्य स्वंय के संसाधनों या बैंक ऋण सहायता से, करने पर अनुदान देय होगा।
  • अनुदान आवेदन के साथ कृषक को जमाबंदी की नकल देनी होगी जो कि छ: माह से अधिक पुरानी नही हो।

राजस्थान तारबंदी सब्सिडी योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन :

(अ) राजस्थान तारबंदी सब्सिडी योजना कियोस्क के माध्यम से आवेदन किये जाने पर

• पेरीफेरी के कृषक समूह बनाकर सामुहिक रूप से अथवा समूह के आधार पर एक कृषक द्वारा नजदीकी नागरीक सेवा केन्द्र/ई मित्र केन्द्र पर जाकर आवेदन पत्र को पोर्टल से डाउनलोड करा सकेगें। समूह में सम्मिलित सभी कृषक के हस्ताक्षरयुक्त मूल आवेदन को भरकर मय दस्तावेज कियोस्क पर जमा करवायेगें।

•कियोस्ककर्ता मूल आवेदन पत्र को ऑन-लाईन ई-प्रपत्र (e-Form) में भरेगा एवं आवश्यक दस्तावेज को स्केन कर अपलोड (scan & upload) करेगा।

• कियोस्ककर्ता आवेदक को आवेदन पत्र की प्राप्ति रसीद देगा।

•संबंधित कार्यालयों के अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा, उपलब्ध आवेदन पत्रों को डाउनलोड कर आवश्यक कार्यवाही करनी होगी एवं समय समय पर आवेदनों की वस्तु स्थिति (status) का अद्यतन (update) करना होगा।

• इन सेवाओं से संबंधित वस्तु-स्थिति (status) एवं आदेश/प्रमाणपत्र/मंजूरी इत्यादि आवेदकों को ऑन-लाइन/एस एम एस द्वारा उपलब्ध करवायी जायेगी। जिसे आवेदकों द्वारा कियोस्क या स्वयं के माध्यम से छापकर (print-out) प्राप्त किया जा सकता है।

•मूल दस्तावेजों को कियोस्ककर्ता/लोकल सर्विस प्रोवाइडर के माध्यम से महीने में दो बार संबंधित विभाग के कार्यालयों में भिजवाया जायेगा। जिसकी प्राप्ति रसीद विभाग के कार्यालय से संबंधित अधिकारी/कर्मचारी द्वारा दी जायेगी।

ऑफ लाईन आवेदन पत्र नहीं लिये जावेगें।

(ब) राजस्थान तारबंदी सब्सिडी योजना आवेदक द्वारा स्वयं ही ऑन-लाईन आवेदन किये जाने पर :

•आवेदक कृषक समूह बनाकर सामुहिक रूप से अथवा समूह के आधार पर एक कृषक मूल आवेदन पत्र को ऑन-लाईन ई-प्रपत्र (e-Form) में भरेगा एवं कृषकों के हस्ताक्षरयुक्त आवश्यक दस्तावेज को स्केन कर अपलोड (scan & upload) करेगा।

•आवेदक आवेदन पत्र ऑन-लाईन जमा किये जाने की प्राप्ति रसीद ऑन-लाईन ही प्राप्त कर सकेगा।

•आवेदक मूल दस्तावेजों को स्वयं अथवा डाक के माध्यम से संबंधित कृषि विभाग के कार्यालय में भिजवायेगा जिसकी प्राप्ति रसीद विभाग के कार्यालय से संबंधित अधिकारी/कर्मचारी द्वारा दी जायेगी।

राजस्थान तारबंदी सब्सिडी योजना के लिए आवेदन फॉर्म

राजस्थान तारबंदी सब्सिडी योजना

राजस्थान तारबंदी सब्सिडी योजना में ध्यान रखने वाली बातें

1. आवेदन प्रार्थना पत्र आवेदित दिनांक से मूल दस्तावेजों सहित कियोस्ककर्ता / लोकल सर्विस प्रोवाइडर/कृषक द्वारा स्वयं 30 दिवस की अवधि तक संबंधित कृषि विभाग के कार्यालयों में नहीं भिजवाये जाते है तो आवेदन पत्र स्वतः ही निरस्त माना जायेगा।

2. कृषि विभाग द्वारा अनुदान दिये जाने के उपरान्त तारबन्दी का रख रखाव व मरम्मत कार्य की समस्त जिम्मेदारी स्वयं कृषक की होगी।

3. कृषक द्वारा तारबन्दी कार्य पूर्ण किये जाने के उपरान्त निर्मित संरचना पर/के नजदीक लोहे के बोर्ड पर निम्नानुसार विवरण,

(अ) कृषि विभाग अनुदान सहायता से निर्मित तारबन्दी

(ब) एनएफएसएम-तिलहन वर्ष …………………

(स) भौतिक सत्यापन कर्ता अधिकारी का नाम……………व दूरभाष सं…….लाभान्वित कृषक श्री …………… पुत्र श्री ……………. दूरभाष सं…… .ग्राम पंचायत समिति …………… जिला …….

(द) स्वीकृत अनुदान राशि ……….. रूपये अंकित किया जाना आवश्यक है तथा उक्त विवरण के साथ लाभान्वित कृषकों की संयुक्त/व्यक्तिगत कृषक फोटो भौतिक सत्यापन के समय पत्रावली में संलग्न किया जाना आवश्यक होगा।

राजस्थान तारबंदी सब्सिडी योजना (अनुदान सीमा)

भारत सरकार की एनएफएसएम-तिलहन अन्तर्गत कान्टेदार तारबन्दी पर लागत का 50 प्रतिशत अथवा अधिकतम राशि रू. 40,000/- प्रति 400 रनिंग मीटर अनुदान देय है। (400 रनिंग मीटर से कम होने पर Prorata basis पर अनुदान देय होगा)

1. कान्टेदार तारबन्दी: – इसमें कम से कम 150 से.मी. ऊँचाई की कांटेदार तारों की बाडबन्दी का कार्य, मय 3.00-3.00 मीटर की दूरी पर प्रीकास्ट सीमेन्ट कंकीट पिलर/लोहे के एंगल/पत्थर की पट्टी भूमि में 30 x 30 x 45 सेमी, सीमेन्ट कंकीट 1:3:6 में स्थापित करना। प्रीकास्ट 2 सीमेन्ट कंकीट पिलर का आकार ऊपर से 10 x 10 सेमी एवं नीचे से 15 x 15 सेमी, प्रत्येक 10 वे पिलर एवं कोने के पिलर को इसी आकार के अतिरिक्त पिलर से मजबूत करना। दो पिलरों के बीच 6 लाईन में होरिजोन्टल एवं 2 डाइगोनल काले कांटेदार तारों को मजबूती से बांधना मय मिट्टी खुदाई, पानी देने आदि का पूर्ण कार्य किया जायेगा।

राजस्थान तारबंदी सब्सिडी योजना

2. चेन लिंक फेन्सिंगः – चेन लिंक फेन्सिंग को 3.0–3.0 मीटर की दूरी पर भूमि में 30 x 30 x 45 सेमी, सीमेन्ट कंक्रीट 1 : 3 : 6 में स्थापित 50 x 50 x 6 mm लोहे के एंगल/उचित आकार के प्रीकास्ट सीमेन्ट कंकीट पिलर पर स्थापित किया जायेगा तथा इसको स्थापित करने की डिजाइन निम्नानुसार रखी जावें।

राजस्थान तारबंदी सब्सिडी योजना

राजस्थान तारबंदी सब्सिडी योजना प्रोसेस (विभागीय प्रक्रिया)

1. तारबन्दी कार्य से पूर्व व कार्य पूर्ण होने पर जियोटेगिंग कर कृषक खेत का नक्शा मय खसरा संख्या आदि भी अंकित करेंगे। इसकी समस्त जिम्मेवारी सम्बन्धित सहायक निदेशक कृषि (विस्तार) जिला परिषद की होगी।

2. ऑन लाईन आवेदन से संबंधित रिकार्ड प्राप्त होने पर कार्यालय स्तर पर आवेदन पत्र के सभी बिन्दुओं व दिए गए प्रमाण पत्रों और दस्तावेजों के आधार पर सुनिश्चित किया जावे कि :

• संबंधित सहायक निदेशक कृषि (विस्तार) कार्यालय अनुदान हेतु पात्र, कान्टेदार/चैनलिंक तारबन्दी की पत्रावलियों का पंजीयन कर 15 दिवस मे कार्यवाही पूर्ण कराई जाकर कार्य कराये जाने हेतु “प्रशासनिक स्वीकृति” जारी करेगा।

. पात्र कृषक का फिल्ड स्तरीय निरीक्षण संबंधित सहायक कृषि अधिकारी / कृषि पर्यवेक्षक द्वारा तीन दिवस मे पूर्ण कर पत्रावली संबंधित कार्यालय मे प्रस्तुत करेगा।

. कार्यालय द्वारा जारी “प्रशासनिक स्वीकृति” के संबंध मे संबंधित कृषक को क्षेत्रीय सहायक कृषि अधिकारी / कृषि पर्यवेक्षक द्वारा हस्तगत कराया जावेगा जिससे कृषक कार्य प्रारम्भ कर सके। यहाँ यह सुनिश्चित करना आवश्यक होगा की पेरीफेरी के समस्त चयनित कृषकों को यथासम्भव यह दस्तावेज एक साथ उपलब्ध कराया जावे।

3. कृषक द्वारा कार्य पूर्ण किये जाने के उपरान्त भौतिक सत्यापन क्षेत्र के सहायक निदेशक कृषि (विस्तार)/जिला विस्तार अधिकारी या उनके द्वारा मनोनीत अधिकारी के साथ सहायक कृषि अधिकारी द्वारा भी किया जा सकता है भौतिक सत्यापन तारबंदी कार्य पूर्ण होने के 7 दिवस में करना आवश्यक होगा। ऐसा नहीं करने की स्थिति में सम्बन्धित सहायक निदेशक कृषि (विस्तार) की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी। भौतिक सत्यापन का कार्य सहायक कृषि अधिकारी द्वारा किये जाने पर संबंधित क्षेत्रिय कृषि पर्यवेक्षक व कृषक के हस्ताक्षर अनिवार्य है।

4. यदि भौतिक सत्यापन के समय तारबन्दी कार्य विभागीय मापदण्ड के अनुरुप नही है तो इसकी सूचना आवेदनकर्ता कृषक को मय मापदण्ड व कारण सहित हस्तगत कराई जावेगी। तारबन्दी के भौतिक सत्यापन उपरान्त कृषकों को अनुदान राशि का एक मुश्त भुगतान कृषक के बैंक A/C में सीधे स्थानान्तरित किया जावेगा।

5. संबंधित सहायक निदेशक कृषि (विस्तार)/उप निदेशक कृषि (वि०) जिला परिषद/संयुक्त निदेशक कृषि (वि०) खण्ड कार्यालय नियमानुसार कान्टेदार/चैनलिंक तारबन्दी के भुगतान हेतु वित्तीय स्वीकृति जारी करेगें।

6. कृषक द्वारा कार्य पूर्ण किये जाने के उपरान्त संबंधित कार्यालय स्तर से सक्षम अधिकारी द्वारा भौतिक सत्यापन उपरान्त वित्तिय स्वीकृति जारी करते हुए कृषकों को स्वीकृत अनुदान राशि का भुगतान केवल आदाता के खाते में देय (A/c payee only) होगा।

राजस्थान तारबंदी सब्सिडी योजना निर्माण के मुख्य प्रभावी बिन्दू

• एनएफएसएम-तिलहन में फ्लैक्सी फण्ड में लोकल नीड पर आधारित कार्यक्रम ।

• राज्य के समस्त जिले जहाँ आवारा पशु/नीलगाय का खतरा हो।

• पेरीफेरी (परिधि) के किसानों को आधार कार्ड संख्या देना अनिवार्य ।

• तारबन्दी हेतु पेरीफेरी के (परिधि) कृषकों को लागत का 50 प्रतिशत अथवा

अधिकतम राशि रू. 40,000/- जो भी कम हो अनुदान देय होगा (400 रनिंग

मीटर से कम होने पर Prorata Basis पर अनुदान देय होगा)।

• प्रति कृषक 400 रनिंग मीटर तक अनुदान देय होगा।

• तारबन्दी किये जाने से पूर्व व कार्य पूर्ण होने पर जियोटेगिंग।

. अनुदान राशि कृषक के खाते में जमा।

कृषक समूह के प्रथम आवेदन कर्ता के आधार पर समूह की प्राथमिकता निर्धारित करने एवं समूह में शामिल अन्य कृषकों की वरीयता क्रम का ध्यान रखे बिना, प्रथम आवेदन कर्ता की वरीयता के साथ रखते हुए नियमानुसार अनुदान राशि का भुगतान DBT के माध्यम से किया जाने का प्रावधान।

इसे भी पढ़े – राजस्थान के किसानो के लिए कृषि यंत्रो पर सब्सिडी

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