लगायें धान की नई किस्म PB 1692 अधिक पैदावार – paddy new variety 2021

Pusa Basmati 1692 एक कम अवधि की ज्यादा उपज देने वाली बासमती चावल की किस्म है I इस किस्म को ICAR – IARI नई दिल्ली द्वारा विकसित किया गया है। इस वैरायटी की पहचान 10 जून 2020 को की गई थी।

Pusa Basmati 1692 एक अर्ध-बौनी बासमती किस्म है यह किस्म बीज बोने से लेकर कटाई के लिए तैयार होने में 110-115 दिन का समय लेती है I

पैदावार Yield of Pusa Basmati 1692

अलग अलग जगह के पैदावार परीक्षणों में उत्तर प्रदेश के मोदीपुरम में पैदावार 73.5 क्विंटल प्रति हेक्टेयर बताई है। यह किस्म पूसा बासमती 1509 व् पूसा 1601 के बीच क्रॉस से विकसित की गई है I PB 1692 किस्म की औसत पैदावार 52.6 क्विंटल प्रति हैक्टर है I

PB 1692 किस्म गिरने और अपने आप दाने झड़ने के प्रतिरोधी है। परीक्षणों में, पूसा बासमती 1692 (PB 1692) ने खरीफ 2017 से खरीफ 2019 तक लगातार तीन वर्षों के परीक्षण के दौरान पूसा बासमती (पीबी 1) से 14.94 प्रतिशत  और पूसा बासमती 1121 से 18.18 प्रतिशत ज्यादा औसत पैदावार दी है।

दिल्ली राज्य में, Pusa Basmati 1692 ने पूसा बासमती 1509 से  6.79 प्रतिशत ज्यादा पैदावार दी । हरियाणा में इस किस्म का झाड़ हरियाणा बासमती 2 और सीएसआर 30 से 20.77 प्रतिशत ज्यादा पैदावार पाया गया I जबकि उत्तर प्रदेश में PB 1692 ने वल्लभ बासमती 22 से 7.5 प्रतिशत ज्यादा पैदावार दिखाई ।

PB 1692 के गुण – Pusa Basmati 1692 Specification

इस किस्म पर औसतन 15 से 18 टिलर प्रति पौधा आते है । इसकी बालियों की औसत लम्बाई 27.0 सेमी होती हैं जो पूरी तरह से फैली हुई होती हैं।

Pusa Basmati 1692 (PB 1692) के 1000 दानो का औसत वजन 28.91 ग्राम होता है । यह किस्म कुछ हद तक अन्य बासमती किस्मो की बजाएं ब्लास्ट रोग के प्रति मध्यम प्रतिरोध का प्रदर्शन करती है

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पूसा बासमती 1692 (PB 1692) की अन्य प्रमुख बीमारियों और कीटों की प्रतिक्रिया पीबी 1121 और पीबी 1 के समान है । हालांकि, गर्दन तोड़ बीमारी के प्रति PB 1121 से ज्यादा सहनशील है !  

Pusa Basmati 1692 का अनाज प्रसंस्करण पैरामीटर बहुत अच्छा है, जिसमें 70 प्रतिशत की औसत मिलिंग और 54.4% की हेड राइस रिकवरी (HRR) है। इस किस्म के चावल 8.44 मिमी लंबे तथा 1.83 मिमी पतले होते हैं।

जबकि चावल खाने के लिए पकाने पर औसतन 17.0 मिमी तक लम्बे, तेज सुगंध होते है।

कम समय की किस्म होने के कारण Pusa Basmati 1692 (PB 1692) की कटाई जल्दी हो जाती है इसलिए हमें दूसरी फसल की तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल जाता है I खेतों में समय पर पराली की साफ सफाई से पर्यावरण प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी और बासमती वाले क्षेत्र में गेहूं की फसल की समय पर बुवाई में मदद मिलेगी। इसके अलावा, यह किस्म गेहूं की फसल लेने से पहले आलू या चारा फसल या हरी खाद लेने का अवसर प्रदान करती है ।

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Pusa Basmati 1692 (PB 1692) को भारत के बासमती वाले क्षेत्र दिल्ली, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश राज्यों के लिए फसल मानकों, अधिसूचना और किस्मों की केंद्रीय उप समिति द्वारा जारी करने के लिए मंजूरी दे दी गई है I

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22 thoughts on “लगायें धान की नई किस्म PB 1692 अधिक पैदावार – paddy new variety 2021”

  1. Sir, I am a seed producer so I want seed of PB-1692 variety for production so please tell us how we can get seed of PB-1692 and what is the process of demand for this seed.

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